Saturday, December 3, 2016
इनी सरकार को पेट ज नी भरतो !
अरे यार, या कसी सरकार है, इको पेट ज नी भरतो ! अब कई हुई ग्यो दादा, काय वास्ते माथा पर हाथ ठोकी न बाठिया हो! अब कई करि दियो सरकार न ! अरे, नोटिस आयो है म्हारा पास। कसो नोटिस, इनकम टैक्स को? सेल्स टैक्स को ? अरे नी रे गेलिया ये सब फाइल ना तो म्हारी पूरी रखूँ में ! फिर कई हुई ग्यो ? काहे को टेन्सन है. अरे, गुलाब जामुन टैक्स को नोटिस थमई गया, सबेरे-सबेरे। बोलिया तमने कल संझा के शर्मा मिठाई वाला के यहाँ 3 गुलाब जामुन खाया। यो सरकार के कोटा के तोड़ने को जुर्म है. तमने सरकार ने जो खाना-पीना की लिमिट तय की है, ऊखे तोड्यो हो. न वा लिमिट तोड़ी न गुलाब जामुन खाया है. सरकार न बार-बार कयो ह कि एक आदमी महीना म दो स जियादा गुलाब जामुन नी खई सकतो. तम न पिछले सप्ताह भी गुप्ता जी का यां शादी म दो गुलाब जामुन हेडिया था, न अब फिर स तीन गटकी लिया. कुल तीन गुलाब जामुन जियादा खाया ह तमने। अब नोटिस आयो कि जुर्मानो भरो. पर दादा तमारी या गुलाब जामुन खाने की बात सरकार तक पहुंची कसे? अरे वो जो अरुण को मुँह लग्यो आदमी है नी अपना यां, उने चुगली करी दी. उपर स ये जो सुबह-सुबह चड्डी पेनी न झंडो टांगी न स्कूल का मैदान में कूदता फिरे नी, जय देश, जय देश, वे सब असल में है तो चुगलखोर ही नी. अपन कब स देखि रया. उनने और घी डाली दियो. अब तो उनकी सरकार है, वे अपनी चुगलखोरी की शाखा ना बड़ाता जय रिया ह. चुगली और बात फैलाना दोई म उनकी बराबरी को दुनिया म कोई नी. उनकी फैलान का आगे तो बीबीसी भी कई नी लगे. कभी वे भगवान खे दूध पवाड़ दे, तो कभी असो ज हल्लो करी-करि न देश में प्रधानमंत्री भी बनवइ दे. अब लोग ना परेशान हुई रिया न, भूखा मरी रिया न ये मोटा-मोटा पेट लई के कूदता फिरि रया, कमाल हुई ग्यो। अब देश बदली जायगो, बस थोड़ा सा दन की बात ह, फिर सब चमन. ये वे ज लोग ना है जिनने कई बार जो कयो उको उलटो करियो। जब तक इनका पास पइसा, ताकत नी रे ये सादगी को पहाड़ो पड़े. न जसज इनखे सत्ता मिले ये सादगी को पहाड़ो छोड़ लाखो का सूट का पहाड़ पर चढ़ी जाए. ये वे ज लोग है जो कंप्यूटर को विरोध करता था ना आज येज लोग मोबाइल, एटीएम से पैसा बाटने ख देशभक्ति केइता नी थकी रिया. पर दादा गुलाब जामुन तमने खायो ई को सबूत कई है. तम नटी जाओ, कई दो मने गुलाब जामुन नी
खायो. अरे कसो नटी जऊं. मने ज़िन्दगी मे कदी झूठ नी बोलयो। पर अब लगे इना देश में जिंदो रे नू है तो झूठ भी बोल्नु पड़ेगो. में कोई मालदार माल्या तो हूँ नी कि यां सी उडी जउ. ना म्हारी असी औकात की सरकार म्हारा के माफ़ करि दे. कितरा सारा बड़ा लोग ना पैसो नी भरे पर सरकार ने उनखे माफ़ करि दियो. तो दादा कित्तो जुर्मानो लगायो तम पर गुलाब जामुन खाने को. अरे, 200 गुना यानी म ने 3 गुलाब जामुन जियादा खाया है, इको मतलब मखे 600 गुलाब जामुन जुर्माना में खाऊ भट्टी म जमा करना है. और वे भी गरम और ताज़ा. ब्रांडेड होना चाहिए. अब तो रोटी खाना म भी डर लगे कोई यो नी कई दे रुको जुर्मानो लगेगो. पर दादा एक बात बताओ जुर्माना में वसूलिया ये गुलाब जामुन को सरकार कई करेगी. वी कौन खायेगो, यी गुलाबजामुन खजाना में रखी के इनकी एफडी तो हुई नई सकती। है, गेलिया तू गेलियों ज रयो. अरे सरकार को पेट बहुत बड़ो रे, और उनकी भूख भी. न इनि सरकार को हाजमो तो बहुत अच्छो है, या तो सब खई,पचाई जाये। पेलआ सोना,चांदी च्यवनप्राश को विज्ञापन आतो थो, अब तो सरकार डायरेक्ट सोनो-चांदी ज खई रई. या वाकई सबसे मजबूत हाजमा वाली सरकार है देश की. और होइ गी क्यों नी एका साथ वो एक बाबा भी तो है जो पेट घुमातो फिरे। जय भारत
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